जनजातीय महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में जनसंचार माध्यमों की भूमिका- एक समाजशास्त्रीय अध्ययन (सीधी जिले के विशेष संदर्भ में)
DOI:
https://doi.org/10.64675/shodhbodh.v4.i3.013Keywords:
जनजातीय महिलाएँ, जनसंचार माध्यम, सामाजिक-आर्थिक विकास, सीधी जिला, डिजिटल साक्षरता, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण संचार, माध्यम-उपयोग सूचकांक।Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र मध्य प्रदेश के सीधी जिले की जनजातीय महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में जनसंचार माध्यमों की भूमिका का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन पूर्णतः प्राथमिक स्रोतों पर आधारित है, जिसमें जिले की छह तहसीलों से बहु-स्तरीय स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन पद्धति के माध्यम से चयनित 100 जनजातीय महिलाओं से संरचित साक्षात्कार-अनुसूची के माध्यम से आँकड़े संकलित किए गए। अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि मोबाइल फोन सर्वाधिक व्यापक माध्यम (85 प्रतिशत परिवारों में उपलब्ध) के रूप में उभरा है, किन्तु महिलाओं की इसकी व्यक्तिगत, स्वायत्त पहुँच अपेक्षाकृत सीमित है। शिक्षा-स्तर तथा माध्यम-उपयोग के मध्य, तथा माध्यम-उपयोग तथा सामाजिक-आर्थिक जागरूकता के मध्य सांख्यिकीय रूप से सार्थक सकारात्मक सम्बन्ध पाया गया, जबकि आर्थिक बाधा तथा पारिवारिक/सामाजिक प्रतिबन्ध माध्यम-उपयोग की प्रमुख बाधाओं के रूप में चिन्हित हुए। अध्ययन के निष्कर्ष जनजातीय महिलाओं के समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास हेतु लक्षित, समता-उन्मुख जनसंचार-नीति की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
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