इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में फेक न्यूज़ और पत्रकारिता की विश्वसनीयता चुनौतियां और समाधान
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https://doi.org/10.64675/shodhbodh.v4.i3.02Keywords:
फेक न्यूज़, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पत्रकारिता की विश्वसनीयता, मीडिया साक्षरता, तथ्य-जाँच, सनसनीखेजता, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रAbstract
इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल समाचार माध्यमों की तीव्र वृद्धि ने सूचना तक पहुँच को व्यापक बनाया है, परंतु इसी प्रक्रिया ने फेक न्यूज़, भ्रामक शीर्षकों, अधूरी सूचनाओं, दृश्य सामग्री के संदर्भ-विहीन प्रयोग और राजनीतिक अथवा व्यावसायिक पक्षपात की समस्या को भी गंभीर बनाया है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के समाचार उपभोक्ताओं के संदर्भ में फेक न्यूज़ से संपर्क, सनसनीखेजता एवं पक्षपात, मीडिया साक्षरता एवं तथ्य-जाँच तथा पत्रकारिता की विश्वसनीयता के बीच संबंधों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के 400 उत्तरदाताओं का संरचित प्रश्नावली-आधारित नमूना प्रतिरूप अपनाया गया। पाँच-बिंदु सहमति मापनी से प्राप्त उत्तरों का आवृत्ति वितरण, औसत, मानक विचलन, आंतरिक संगति, सहसंबंध, बहु-प्रतिगमन और अंतःक्रिया विश्लेषण किया गया। परिणामों में फेक न्यूज़ से संपर्क और पत्रकारिता की विश्वसनीयता के बीच महत्वपूर्ण नकारात्मक संबंध पाया गया। सनसनीखेजता एवं पक्षपात का प्रभाव इससे भी अधिक नकारात्मक रहा। मीडिया साक्षरता एवं तथ्य जाँच का विश्वसनीयता पर सकारात्मक प्रभाव तथा फेक न्यूज़ के नकारात्मक प्रभाव को सीमित करने वाली भूमिका सामने आई। बहु-प्रतिगमन प्रतिरूप ने पत्रकारिता की विश्वसनीयता में 43.2 प्रतिशत परिवर्तन की व्याख्या की। अध्ययन निष्कर्ष देता है कि केवल सामग्री हटाने या चेतावनी लगाने से पर्याप्त सुधार नहीं होगा; संपादकीय पारदर्शिता, स्रोत-प्रकटीकरण, स्वतंत्र तथ्य जाँच, सुधार नीति, मीडिया साक्षरता, समाचार-विविधता और सार्वजनिक उत्तरदायित्व को एकीकृत करना आवश्यक है।
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