रीवा जिले में स्वच्छता कर्मियों (सफाई कर्मचारियों) की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का समाजशास्त्रीय अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64675/shodhbodh.v4.i1.27Keywords:
स्वच्छता कर्मी, सफाई कर्मचारी, सामाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, रीवा जिला, सामाजिक भेदभाव, हाशियाकरण।Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र रीवा जिले में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों (सफाई कर्मचारियों) की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। स्वच्छता कर्मी शहरी एवं ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार-स्तंभ होने के बावजूद समाज में सामान्यतः हाशिए पर रहते हैं तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का व्यवस्थित अध्ययन अपेक्षाकृत सीमित हुआ है। प्रस्तुत अध्ययन प्राथमिक क्षेत्रीय सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें रीवा नगर निगम एवं जिले की विभिन्न नगर पालिका परिषदों में कार्यरत 100 स्वच्छता कर्मियों को प्रतिचयन विधि द्वारा सम्मिलित किया गया है। संरचित अनुसूची के माध्यम से एकत्रित आँकड़ों के आधार पर स्वच्छता कर्मियों की जनसांख्यिकीय एवं जातीय पृष्ठभूमि, शैक्षणिक स्तर, सामाजिक भेदभाव के अनुभव, सामाजिक सहभागिता, नियोजन का स्वरूप, मासिक आय, कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, व्यावसायिक स्वास्थ्य समस्याओं तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुँच का विश्लेषण किया गया है। निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि अधिकांश स्वच्छता कर्मी अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हैं, उन्हें आज भी सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है तथा उनकी आर्थिक स्थिति, रोजगार सुरक्षा एवं कार्यस्थल सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत निम्न स्तर की है। अंत में स्वच्छता कर्मियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं।
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