रीवा जिले में महिला शिक्षा एवं सामाजिक स्थिति (सरकारी प्रतिवेदनों एवं जनगणना आँकड़ों के आधार पर एक समाजशास्त्रीय अध्ययन)
DOI:
https://doi.org/10.64675/shodhbodh.v4.i1.26Keywords:
महिला शिक्षा, महिला साक्षरता, सामाजिक स्थिति, रीवा जिला, लिंगानुपात, बाल विवाह, महिला सशक्तिकरण।Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र रीवा जिले में महिला शिक्षा एवं महिलाओं की सामाजिक स्थिति का सरकारी प्रतिवेदनों एवं जनगणना आँकड़ों के आधार पर समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन पूर्णतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है, जिसमें भारत की जनगणना (1991, 2001, 2011), जिला जनगणना हस्तपुस्तिका रीवा, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-4 एवं NFHS-5), जिला शिक्षा विभाग रीवा के यू-डायस प्रतिवेदन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्वाचन संबंधी आँकड़ों का उपयोग किया गया है। अध्ययन में महिला साक्षरता दर, शैक्षणिक स्तर, विद्यालयी नामांकन में लिंग समता, लिंगानुपात, बाल विवाह दर, महिला श्रमशक्ति सहभागिता, स्थानीय स्वशासन में महिला प्रतिनिधित्व तथा मातृ स्वास्थ्य संकेतकों का प्रवृत्ति-विश्लेषण किया गया है। निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि विगत तीन दशकों में रीवा जिले में महिला साक्षरता एवं शिक्षा के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक एवं राजनैतिक सहभागिता में भी वृद्धि हुई है, तथापि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की स्थिति में अभी भी उल्लेखनीय अंतराल विद्यमान है। अंत में महिला शिक्षा एवं सामाजिक स्थिति में और सुधार हेतु उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं।
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