रीवा जिले में शहरीकरण एवं औद्योगीकरण का सामाजिक जीवन पर प्रभाव
DOI:
https://doi.org/10.64675/shodhbodh.v4.i1.25Keywords:
शहरीकरण, औद्योगीकरण, सामाजिक जीवन, रीवा जिला, सामाजिक परिवर्तन, परिवार संरचना, व्यावसायिक संरचना।Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र रीवा जिले में शहरीकरण एवं औद्योगीकरण की प्रक्रिया तथा उसके सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह अध्ययन पूर्णतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है, जिसमें जनगणना प्रतिवेदन, जिला जनगणना हस्तपुस्तिका, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रतिवेदन, जिला उद्योग केंद्र रीवा के अभिलेख तथा नगर निगम रीवा के आँकड़ों का उपयोग किया गया है। अध्ययन में सन् 1991 से 2021 तक की अवधि में जिले की नगरीय जनसंख्या, औद्योगिक इकाइयों, व्यावसायिक संरचना, साक्षरता दर, महिला श्रमशक्ति सहभागिता एवं परिवार संरचना में आए परिवर्तनों का प्रवृत्ति-विश्लेषण किया गया है। निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि शहरीकरण एवं औद्योगीकरण की प्रक्रिया ने रीवा जिले की पारंपरिक सामाजिक संरचना, विशेष रूप से संयुक्त परिवार व्यवस्था, व्यावसायिक स्वरूप एवं महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक भूमिका को उल्लेखनीय रूप से प्रभावित किया है, साथ ही इसके परिणामस्वरूप कुछ सामाजिक समस्याएँ भी उत्पन्न हुई हैं। अंत में सुव्यवस्थित शहरी एवं औद्योगिक विकास हेतु उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं।
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