सफाई कामगारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति तथा उनके विकास पर शासकीय योजनाओं की भूमिका का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64675/cd3hd267Keywords:
सफाई कामगार, वाल्मीकि समाज, सामाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, शासकीय योजनाएँ, सतना जिला, हाथ से मैला ढोने की प्रथा, NAMASTE योजना, अनुसूचित जाति, सामाजिक न्याय।Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र वर्तमान सतना जिले के वाल्मीकि समाज के सफाई कामगारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करता है तथा उनके विकास हेतु संचालित शासकीय योजनाओं की भूमिका का मूल्यांकन द्वितीयक स्रोतों के आधार पर करता है। इस अध्ययन में सरकारी प्रतिवेदनों, जनगणना आँकड़ों, नीति दस्तावेजों एवं विभागीय अभिलेखों का उपयोग किया गया है। वर्तमान सतना जिले में अनुमानित 3,845 वाल्मीकि परिवार निवासरत हैं तथा लगभग 2,180 सफाई कामगार विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण संस्थाओं में कार्यरत हैं। NAMASTE, PM आवास योजना एवं म.प्र. सफाई कर्मी कल्याण योजना के प्रभाव से कुछ सुधार हुआ है किन्तु समग्र विकास की दिशा में अभी और प्रयास अपेक्षित हैं।




