वाल्मीकि समाज का सामाजिक एवं आर्थिक अध्ययन (सतना जिले के विशेष संदर्भ में)
DOI:
https://doi.org/10.64675/n1kqkf02Keywords:
वाल्मीकि समाज, सामाजिक अध्ययन, आर्थिक स्थिति, सतना जिला, सामाजिक भेदभाव, प्राथमिक सर्वेक्षण, अनुसूचित जाति, आजीविका, शासकीय योजनाएँ, सामाजिक सशक्तीकरण।Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र वर्तमान सतना जिले के वाल्मीकि समाज की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का प्राथमिक स्रोतों के माध्यम से अध्ययन करता है। इस अध्ययन में सतना जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों से 120 परिवारों को प्रतिदर्श के रूप में चयनित किया गया तथा संरचित साक्षात्कार अनुसूची एवं प्रेक्षण विधि के माध्यम से आँकड़े संग्रहीत किये गये। शोध से प्राप्त निष्कर्ष बताते हैं कि वाल्मीकि समाज आज भी बहुआयामी वंचना का शिकार है। 21.7 प्रतिशत उत्तरदाता पूर्णतः निरक्षर पाये गये, 65 प्रतिशत परिवारों ने सार्वजनिक स्थलों पर अस्पृश्यता का अनुभव किया तथा 80 प्रतिशत परिवारों ने अंतर्जातीय विवाह के विरोध की बात स्वीकार की। आर्थिक दृष्टि से 28.3 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 8,001 से 12,000 रुपये के बीच है, जबकि 37.5 प्रतिशत परिवार अभी भी 8,000 रुपये से कम मासिक आय पर जीवन यापन करते हैं। शासकीय योजनाओं की जागरुकता एवं लाभ के मध्य व्यापक अंतर परिलक्षित हुआ।




