मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाएं एवं चुनौतियां
DOI:
https://doi.org/10.64675/n5wq2p87Keywords:
पर्यटन विकास, मध्यप्रदेश, UNESCO विश्व धरोहर, इकोटूरिज्म, टाइगर रिजर्व, जनजातीय पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, पर्यटन भूगोल, सतत पर्यटन।Abstract
मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है जो ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक, प्राकृतिक एवं जनजातीय पर्यटन की दृष्टि से असाधारण समृद्धि रखता है। खजुराहो एवं साँची जैसे UNESCO विश्व धरोहर स्थल, कान्हा-बांधवगढ़ जैसे विश्वप्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, उज्जैन-ओंकारेश्वर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक केन्द्र एवं पचमढ़ी जैसे मनोरम प्राकृतिक स्थल इस प्रदेश को पर्यटन की दृष्टि से विशिष्ट बनाते हैं। 2023-24 में प्रदेश में लगभग 1017 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ जो अखिल भारतीय स्तर पर प्रमुख पर्यटन राज्यों में इसकी स्थिति को सुदृढ़ करता है। तथापि, अपर्याप्त आधारभूत संरचना, सीमित अंतर्राष्ट्रीय प्रचार, मौसमी पर्यटन की समस्या, कुशल मानव संसाधन की कमी एवं पर्यावरणीय चुनौतियाँ इस क्षेत्र के समुचित विकास में बाधक हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में मध्यप्रदेश के पर्यटन की वर्तमान स्थिति, विकास की संभावनाओं, विद्यमान चुनौतियों तथा भविष्य की नीति रणनीति का भौगोलिक एवं आर्थिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।




