विंध्य क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति परिवारों की जीवन-यापन लागत एवं उपभोग व्यय का विश्लेषण
DOI:
https://doi.org/10.64675/y0fb5j33Keywords:
अनुसूचित जनजाति, विंध्य क्षेत्र, जीवन-यापन लागत, उपभोग व्यय, खाद्य व्यय, एन्गेल का नियम, आय-व्यय अनुपात, जनजातीय अर्थव्यवस्था।Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र विंध्य क्षेत्र में निवास करने वाले अनुसूचित जनजाति परिवारों की जीवन-यापन लागत एवं उपभोग व्यय की संरचना का विश्लेषण करता है। क्षेत्र सर्वेक्षण पद्धति के अंतर्गत 100 जनजातीय परिवारों से प्राथमिक डेटा एकत्र किया गया। अध्ययन से ज्ञात हुआ कि इन परिवारों का औसत मासिक उपभोग व्यय ₹8,300 (वार्षिक ₹99,600) है, जबकि औसत वार्षिक आय मात्र ₹52,400 है। इस प्रकार व्यय आय की तुलना में लगभग 190% है, जो इन परिवारों की अत्यंत विकट आर्थिक स्थिति को उजागर करता है। कुल उपभोग व्यय में खाद्य व्यय 42.4% तथा गैर-खाद्य व्यय 57.6% है। खाद्य व्यय की उच्च हिस्सेदारी एन्गेल के नियम के अनुरूप इन परिवारों की निम्न आय स्तर की पुष्टि करती है। सामाजिक व्यय, स्वास्थ्य व्यय एवं ऋण-ब्याज भुगतान इन परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डालते हैं। अध्ययन यह अनुशंसा करता है कि जनजातीय परिवारों की आय वृद्धि, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुदृढ़ता एवं स्वास्थ्य शिक्षा सुविधाओं के विस्तार से इन परिवारों के जीवन-स्तर में सुधार संभव है।




