अनुसूचित जनजातियों में पोषण के स्तर का भौगोलिक अध्ययन (रीवा जिले के विशेष संदर्भ में)

Authors

  • डॉ. आर.के. शर्मा Author
  • शशिकांत कुमार पटेल Author

DOI:

https://doi.org/10.64675/wm1ecx42

Keywords:

अनुसूचित जनजाति, पोषण स्तर, भौगोलिक अध्ययन, रीवा जिला, कुपोषण, जनजातीय स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, मातृ पोषण, बाल पोषण, पोषण कार्यक्रम।

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र रीवा जिले की अनुसूचित जनजातियों विशेषतः कोल, गोंड, बैगा एवं खैरवार जनजातियों में पोषण के स्तर का भौगोलिक दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है। रीवा जिले की भौगोलिक स्थिति, वन-आच्छादित क्षेत्र, सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन एवं पारंपरिक जीवन-शैली जनजातीय समुदायों की पोषण स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। शोध में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया है। जिले की तहसीलों- रीवा, सिरमौर, सेमरिया, त्योंथर, मंगवां, जवा, में अनुसूचित जनजातीय बस्तियों का सर्वेक्षण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि जनजातीय क्षेत्रों में प्रोटीन, आयरन, विटामिन एवं कैलोरी की कमी प्रचलित है, जिसके परिणामस्वरूप बाल-कुपोषण, मातृ रुग्णता तथा सामान्य शारीरिक दुर्बलता की उच्च दर देखी गई है। भौगोलिक अलगाव, परिवहन सुविधाओं का अभाव एवं सरकारी पोषण कार्यक्रमों की सीमित पहुँच इन समस्याओं को और जटिल बनाती है। शोध के अंत में नीतिगत सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं।

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Published

2026-04-23