सीधी जिले में पर्यटन विकास का भूमि उपयोग और पर्यावरणीय परिवर्तन पर प्रभात

Authors

  • डॉ. के.एस. नेताम Author
  • डॉ. के.एस. नेताम Author
  • प्रसून कुमार मिश्र Author

DOI:

https://doi.org/10.64675/hkk5bt07

Keywords:

पर्यटन विकास, भूमि उपयोग परिवर्तन, पर्यावरणीय प्रभाव, जैव विविधता, संजय दुबरी टाइगर रिजर्व, सीधी जिला, सतत पर्यटन विकास, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र में सीधी जिले में पर्यटन विकास के कारण भूमि उपयोग एवं पर्यावरणीय परिवर्तन के प्रभावों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, वन्यजीव संपदा, नदी तटीय क्षेत्रों तथा धार्मिक स्थलों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, जिससे यह पारिस्थितिक एवं धार्मिक पर्यटन के विकास के लिए उपयुक्त क्षेत्र बनता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य सीधी जिले में उपलब्ध पर्यटन संसाधनों की पहचान करना, पर्यटन विकास की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करना तथा पर्यटन गतिविधियों के कारण भूमि उपयोग एवं पर्यावरणीय परिवर्तनों का विश्लेषण करना है। शोध के अंतर्गत पाया गया कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के कारण कृषि भूमि के उपयोग में परिवर्तन, वन क्षेत्रों पर दबाव, सड़क निर्माण एवं अवसंरचना विकास में वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर सेवा क्षेत्र की गतिविधियों का विस्तार हुआ है। इसके साथ ही जल संसाधनों पर दबाव, जैव विविधता में परिवर्तन, प्रदूषण की समस्या तथा अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पर्यावरणीय चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। अध्ययन से यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि यदि पर्यटन विकास को सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जाए, तो यह क्षेत्रीय आर्थिक विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध हो सकता है। अतः आवश्यक है कि पर्यटन विकास की प्रक्रिया में स्थानीय समुदाय की सहभागिता, पर्यावरणीय संतुलन तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्राथमिकता दी जाए।

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Published

2026-04-23