विन्ध्यन कगार प्रदेश में पारिस्थितिकी पर्यटन संसाधनों का मूल्यांकन :
DOI:
https://doi.org/10.64675/cnn64s77Keywords:
विन्ध्यन कगार प्रदेश, पारिस्थितिकी पर्यटन, जैव विविधता, भौगोलिक संसाधन मूल्यांकनAbstract
विन्ध्यन कगार प्रदेश मध्य भारत का एक भौगोलिक दृष्टि से विशिष्ट एवं पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यन्त संवेदनशील क्षेत्र है। सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, सीधी, रीवा, मैहर, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया जिलों में विस्तृत यह प्रदेश अपने वन्यजीव, जलप्रपात, वन सम्पदा, जैव विविधता, ऐतिहासिक धरोहर एवं जनजातीय संस्कृति के कारण पारिस्थितिकी पर्यटन के लिए असीमित सम्भावनाएँ रखता है। प्रस्तुत शोध पत्र में इस प्रदेश के पारिस्थितिकी पर्यटन संसाधनों का मूल्यांकन भौगोलिक दृष्टिकोण से किया गया है। शोध में प्राथमिक सर्वेक्षण, क्षेत्र-भ्रमण, साक्षात्कार एवं द्वितीयक स्रोतों से प्राप्त आँकड़ों के आधार पर संसाधनों की गुणवत्ता, सुलभता, धारण क्षमता एवं विकास की स्थिति का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि इस प्रदेश में पर्यटन संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद उनका समुचित मूल्यांकन एवं विकास नहीं हो सका है। उचित नीतिगत हस्तक्षेप एवं समुदाय-सहभागिता से इस प्रदेश को भारत के प्रमुख पारिस्थितिकी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित किया जा सकता है। मुख्य शब्दः विन्ध्यन कगार प्रदेश, पारिस्थितिकी पर्यटन, संसाधन मूल्यांकन, जैव विविधता, वन्यजीव, जनजातीय संस्कृति, धारण क्षमता, सतत् विकास, भौगोलिक अध्ययन।




