बैगा जनजातियों में रोग प्रतिरूप : जिला डिण्डौरी का भौगोलिक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64675/tkeh1k89Keywords:
बैगा जनजाति, रोग प्रतिरूप, डिण्डौरी जिला, सिकल सेल एनीमिया, मलेरिया, कुपोषण, स्वास्थ्य भूगोल, PVTG, जनजातीय स्वास्थ्य, भौगोलिक अध्ययन।Abstract
बैगा जनजाति मध्य प्रदेश की एक विशेष रूप से संकटग्रस्त जनजाति (Particularly Vulnerable Tribal Group-PVTG) है, जो मुख्यतः जिला डिण्डौरी, मंडला, शहडोल एवं बालाघाट में निवास करती है। प्रस्तुत शोध पत्र जिला डिण्डौरी के बैगा जनजाति-बहुल क्षेत्रों में रोग प्रतिरूप (Disease Patterns) के भौगोलिक अध्ययन पर केंद्रित है। शोध में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि बैगा जनजाति के लोग मलेरिया, सिकल सेल एनीमिया, कुपोषण, तपेदिक (क्षय रोग), त्वचा रोग, आँत के परजीवी रोग एवं श्वसन सम्बन्धी रोगों से सर्वाधिक पीड़ित हैं। इन रोगों के प्रतिरूप का सम्बन्ध भौगोलिक दशाओं- वन आवरण, नमी, भूमि-उपयोग, जल-स्रोत एवं ग्राम की दूरस्थता से स्पष्ट रूप से जुड़ा है। स्वास्थ्य सेवाओं की अपर्याप्तता, परम्परागत चिकित्सा पर निर्भरता एवं जागरूकता के अभाव के कारण इस समुदाय में रोग भार अत्यन्त अधिक है। शोध में आवश्यक नीतिगत सुझाव भी प्रस्तुत किये गये हैं।




