थारू जनजातियों का सामाजिक स्वरूप (जिला लखीमपुर खीरी) : एक भौगोलिक अध्ययन

Authors

  • डॉ. ऊषा शर्मा अतिथि विद्वान, भूगोल विभाग शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्वशासी महाविद्यालय, रीवा Author
  • डॉ. बी.के. शर्मा सह-प्राध्यापक, भूगोल विभाग शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्वशासी महाविद्यालय, रीवा Author
  • ओंकार राणा शोधार्थी, भूगोल विभाग शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्वशासी महाविद्यालय, रीवा Author

DOI:

https://doi.org/10.64675/q0mq8023

Keywords:

थारू जनजाति, सामाजिक स्वरूप, लखीमपुर खीरी, तराई क्षेत्र, पारिवारिक संरचना, विवाह-प्रथा, लैंगिक स्थिति, लोक-संस्कृति, भौगोलिक अध्ययन, सामाजिक परिवर्तन।

Abstract

थारू जनजाति उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के तराई क्षेत्र में निवास करने वाली एक प्रमुख अनुसूचित जनजाति है। जिला लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश में थारू जनसंख्या का सर्वाधिक सघन केन्द्र है। प्रस्तुत शोध पत्र में जिला लखीमपुर खीरी के थारू जनजातियों के सामाजिक स्वरूप का भौगोलिक अध्ययन किया गया है। अध्ययन के अंतर्गत थारू जनजाति की पारिवारिक संरचना, विवाह-प्रथा, सामाजिक संगठन, लैंगिक स्थिति, धार्मिक एवं लोक-सांस्कृतिक जीवन तथा शैक्षिक एवं आर्थिक स्थिति का विश्लेषण किया गया है। प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों स्रोतों से आँकड़े एकत्र किये गये हैं। शोध से यह स्पष्ट होता है कि थारू समाज मूलतः पितृसत्तात्मक है, किन्तु महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक भागीदारी अपेक्षाकृत उच्च है। आधुनिकीकरण, वन-अधिकार नीतियों एवं शिक्षा के प्रसार के कारण इस जनजाति के सामाजिक स्वरूप में उल्लेखनीय परिवर्तन आ रहे हैं। शोध में इस जनजाति के सामाजिक विकास हेतु नीतिगत सुझाव भी प्रस्तुत किये गये हैं।

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Published

2026-05-21