भूमि उपयोग प्रतिरूप : जिला मऊगंज के संदर्भ में एक भौगोलिक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64675/syt0kx74Keywords:
भूमि उपयोग प्रतिरूप, जिला मऊगंज, शुद्ध बोया गया क्षेत्र, वन भूमि, परती भूमि, फसल विविधीकरण, भौगोलिक अध्ययन, भूमि प्रबंधन, विंध्य पठार, मध्यप्रदेश।Abstract
जिला मऊगंज, मध्यप्रदेश के रीवा संभाग में स्थित एक नवगठित जिला है, जो वर्ष 2023 में अस्तित्व में आया। यह जिला विंध्य पठार के दक्षिण-पूर्वी छोर पर अवस्थित है, जहाँ की भौगोलिक संरचना, जलवायु एवं जल संसाधन भूमि उपयोग को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में जिला मऊगंज के भूमि उपयोग प्रतिरूप का भौगोलिक अध्ययन किया गया है। इसमें कुल भौगोलिक क्षेत्र के अंतर्गत वन भूमि, कृषि भूमि, परती भूमि, चारागाह एवं अन्य उपयोगों के वितरण, परिवर्तन एवं कारकों का विश्लेषण किया गया है। द्वितीयक स्रोतों से प्राप्त आँकड़ों एवं क्षेत्र सर्वेक्षण के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि जिले के कुल भौगोलिक क्षेत्र 1,70,112 हेक्टेयर में से 43.72 प्रतिशत भूमि कृषि कार्यों में, 22.60 प्रतिशत वन क्षेत्र में तथा शेष भूमि परती, चारागाह एवं अन्य उपयोगों में है। विकासखंडवार भूमि उपयोग में स्थानीय भिन्नता, परती भूमि की अधिकता तथा वन भूमि का असमान वितरण जिले की प्रमुख विशेषताएँ हैं। शोध पत्र में भूमि उपयोग के टिकाऊ प्रबंधन हेतु नीतिगत सुझाव भी प्रस्तुत किए गए हैं।




