खीमपुर खीरी के थारू जनजातियों का आर्थिक स्वरूप : एक भौगोलिक अध्ययन

Authors

  • डॉ. ऊषा शर्मा अतिथि विद्वान, भूगोल विभाग शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्वशासी महाविद्यालय, रीवा Author
  • डॉ. बी.के. शर्मा सह-प्राध्यापक, भूगोल विभाग शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्वशासी महाविद्यालय, रीवा Author
  • ओंकार राणा शोधार्थी, भूगोल विभाग शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्वशासी महाविद्यालय, रीवा Author

DOI:

https://doi.org/10.64675/m3zqg650

Keywords:

थारू जनजाति, खीमपुर खीरी, आर्थिक स्वरूप, भौगोलिक अध्ययन, कृषि, भूमि स्वामित्व, आजीविका, ऋणग्रस्तता, शासकीय योजनाएँ।

Abstract

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में स्थित खीमपुर क्षेत्र थारू जनजाति की सघन बस्तियों के लिए प्रसिद्ध है। थारू जनजाति भारत की प्रमुख अनुसूचित जनजातियों में से एक है, जो मुख्यतः तराई क्षेत्र में निवास करती है। प्रस्तुत शोध पत्र में खीमपुर खीरी के थारू जनजातियों के आर्थिक स्वरूप का भौगोलिक दृष्टिकोण से विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में थारू जनजाति की कृषि पद्धति, भूमि स्वामित्व, आय के स्रोत, ऋणग्रस्तता, पशुपालन, वन-आधारित आजीविका एवं शासकीय योजनाओं के लाभ का विवरण प्रस्तुत किया गया है। प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों स्रोतों से संकलित आँकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि थारू जनजाति की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि एवं वन-आधारित संसाधनों पर निर्भर है, परंतु उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में क्रमिक सुधार के संकेत दृष्टिगोचर होते हैं।

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Published

2026-05-21