विन्ध्यन कगार प्रदेश में पारिस्थितिकी पर्यटन आकर्षण एवं पारिस्थितिकी पर्यटन की संभावनाएँ : एक भौगोलिक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64675/ad9k9057Keywords:
विन्ध्यन कगार प्रदेश, पारिस्थितिकी पर्यटन, पर्यटन आकर्षण, वन्यजीव, जैव विविधता, जनजातीय संस्कृति, सतत् विकास, पर्यावरण संरक्षण, भौगोलिक अध्ययन।Abstract
विन्ध्यन कगार प्रदेश भारत का एक महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र है, जो अपनी अनूठी प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विशेषताओं के कारण पारिस्थितिकी पर्यटन के लिए असीम संभावनाएँ रखता है। यह प्रदेश सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, सीधी, रीवा, मैहर, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ तथा दतिया जिलों के विस्तृत भू-भाग को अपने में समेटे हुए है। यहाँ की घनी वन सम्पदा, विन्ध्याचल की ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियाँ, बीहड़ कंदराएँ, जलप्रपात, वन्यजीव अभयारण्य, ऐतिहासिक धरोहर स्थल तथा जनजातीय संस्कृति पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में विन्ध्यन कगार प्रदेश के पारिस्थितिकी पर्यटन आकर्षणों का विस्तृत विवेचन किया गया है, साथ ही इस क्षेत्र में पारिस्थितिकी पर्यटन की संभावनाओं, चुनौतियों एवं विकास हेतु आवश्यक नीतिगत सुझावों को प्रस्तुत किया गया है। शोध में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि इस प्रदेश में पारिस्थितिकी पर्यटन को एक संगठित एवं सुनियोजित रूप देकर न केवल स्थानीय रोजगार सृजन किया जा सकता है, अपितु पर्यावरण संरक्षण एवं जनजातीय समुदायों की आर्थिक उन्नति भी सुनिश्चित की जा सकती है।




