जनजातियों के शिक्षा हेतु शासन की विभिन्न योजनाओं का समाजशास्त्रीय अध्ययन

Authors

  • डॉ. श्रीनिवास मिश्रा Author
  • चन्दा सिंह Author

DOI:

https://doi.org/10.64675/t2sr3981

Keywords:

जनजातीय शिक्षा, सरकारी योजनाएँ, समाजशास्त्रीय अध्ययन, सतना जिला, एकलव्य विद्यालय, आश्रम शाला, छात्रवृत्ति, जनजातीय विकास, मध्यप्रदेश ।

Abstract

जनजातीय समाज के समग्र विकास में शिक्षा एक केंद्रीय तत्व है। स्वतंत्रता के पश्चात भारत सरकार तथा मध्यप्रदेश शासन ने जनजातीय समुदायों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाएँ प्रारम्भ की हैं। प्रस्तुत शोध पत्र सतना जिले के विशेष संदर्भ में इन योजनाओं का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है। शोध में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, आश्रम शाला, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री मेधावी वि‌द्यार्थी योजना एवं निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक वितरण जैसी प्रमुख योजनाओं का अध्ययन किया गया है। प्राथमिक एवं द्वितीयक आँकड़ों के माध्यम से यह विश्लेषित किया गया है कि इन योजनाओं से सतना जिले में जनजातीय साक्षरता दर, ड्रॉपआउट दर, उच्च शिक्षा में नामांकन एवं सामाजिक चेतना पर क्या प्रभाव पड़ा है। शोध के निष्कर्ष संकेत देते हैं कि इन योजनाओं के कारण साक्षरता दर में सुधार अवश्य हुआ है, परंतु जमीनी क्रियान्वयन में अनेक चुनौतियाँ अभी भी विद्यमान हैं।

Downloads

Published

2026-04-23