सतना जिले में संचालित योजनाओं का अनुसूचित जनजाति की महिलाओं पर सामाजिक-आर्थिक स्थिति प्रभाव-एक समाजशास्त्रीय अध्ययन

Authors

  • डॉ. श्रीनिवास मिश्रा Author
  • निधी गुप्ता Author

DOI:

https://doi.org/10.64675/99ddee13

Keywords:

अनुसूचित जनजाति महिला, सामाजिक-आर्थिक प्रभाव, शासकीय योजनाएँ, सतना जिला, महिला सशक्तिकरण, स्व-सहायता समूह, जनजातीय विकास, समाजशास्त्रीय अध्ययन, मध्यप्रदेश, लाड़ली बहना, उज्ज्वला योजना।

Abstract

भारत में अनुसूचित जनजाति महिलाएँ जाति, लिंग एवं वर्ग तीनों स्तरों पर असमानता का सामना करती रही हैं। स्वतंत्रता के पश्चात से लेकर आज तक केंद्र एवं राज्य सरकारों ने इन महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक उत्थान हेतु अनेक योजनाएँ प्रारम्भ की हैं। प्रस्तुत शोध पत्र सतना जिले के विशेष संदर्भ में इन योजनाओं के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है। शोध में उज्ज्वला योजना, लाड़ली बहना योजना, PM मातृ वंदना योजना, स्व-सहायता समूह कार्यक्रम, पोषण अभियान, PM आवास योजना एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी प्रमुख योजनाओं का आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रभावों की दृष्टि से मूल्यांकन किया गया है। प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के स्रोतों का उपयोग करते हुए यह विश्लेषित किया गया है कि इन योजनाओं ने सतना जिले की अनुसूचित जनजाति महिलाओं की आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी एवं सामाजिक चेतना पर किस प्रकार का प्रभाव डाला है। शोध के निष्कर्ष यह प्रकट करते हैं कि इन योजनाओं से महिलाओं की स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य हुए हैं, परंतु संरचनात्मक असमानताएँ एवं क्रियान्वयन की कमज़ोरियाँ इन परिवर्तनों की गति एवं गहराई को सीमित कर रही हैं।

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Published

2026-04-24