मध्यकाल में राजनैतिक विद्रोह-एक ऐतिहासिक अध्ययन

Authors

  • डॉ सुधाकर प्रसाद दुबे Author

Keywords:

इतिहास, संघर्ष, जनसाधारण, उच्चाधिकारियों, किसानों, धार्मिक

Abstract

मध्यकालीन भारत का इतिहास राजनैतिक उथल-पुथल, सत्ता संघर्ष एवं विद्रोहों से परिपूर्ण है। इस काल में केन्द्रीय सत्ता के विरुद्ध अनेक विद्रोह हुए जो न केवल राजनैतिक परिवर्तन के वाहक बने, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन पर भी गहरा प्रभाव डालते रहे। दिल्ली सल्तनत के काल से लेकर मुगल साम्राज्य के पतन तक, विद्रोहों की एक दीर्घ श्रृंखला देखी जा सकती है जो विभिन्न स्वरूपों में प्रकट हुई चाहे वे उच्चाधिकारियों द्वारा किए गए राजनैतिक विद्रोह हों, किसानों एवं जनसाधारण के आर्थिक विद्रोह हों, अथवा धार्मिक और जातीय चेतना से उत्प्रेरित सशस्त्र संघर्ष हों। प्रस्तुत शोध पत्र में मध्यकाल में हुए प्रमुख राजनैतिक विद्रोहों का ऐतिहासिक विश्लेषण किया गया है। इसमें विद्रोहों के कारणों, स्वरूपों, प्रमुख नेताओं, परिणामों एवं उनके ऐतिहासिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला गया है। शोध में यह स्पष्ट किया गया है कि मध्यकालीन विद्रोह केवल सत्ता-प्रतिस्पर्धा के परिणाम नहीं थे, बल्कि इनके मूल में गहरी सामाजिक और आर्थिक असंतुष्टियाँ भी निहित थीं। प्राथमिक एवं ‌द्वितीयक स्रोतों के आधार पर किए गए इस अध्ययन में ऐतिहासिक विश्लेषण की पदधति का उपयोग किया गया है।

Downloads

Published

2026-03-24