कोल जनजातियों का समाजशास्त्रीय अध्ययन-ससवनी जजलेकेववशेष संदर्भमें
DOI:
https://doi.org/10.64675/Keywords:
कोल जनजाति, वन-आधारित जीवनशैली और नीतियाँ, गरीबी और अभाव, जनजातीय विकास कार्यक्रम, समाजशास्त्रीय अध्ययनAbstract
ऐततहाससक रूप से, कोल जनजातत कोलाररयन भाषा पररिार सेजुडी हुई हैऔर प्राचीन काल सेिन-आधाररत जीिनशैली अपनाए हुए हैं, लेककन औपतनिेसशक काल तथा स्त्ितंर भारत मेंिन नीततयों नेउनकी जीिन प्रणाली को गहराई सेप्रभावित ककया है। िततमान में, सरकारी योजनाओंजैसेिन अधधकार अधधतनयम और जनजातीय विकास कायतक्रमों के बािजूद, ससिनी के कोल समुदाय गरीबी, सशक्षा की कमी और स्त्िास्त््य सुविधाओंकेअभाि सेजूझ रहेहैं। इस प्रकार, प्रस्त्तािना केमाध्यम सेस्त्पष्ट होता हैकक कोल जनजाततयों का समाजशास्त्रीय अध्ययन न के िल उनकी िततमान स्स्त्थतत को समझनेबस्कक नीतत तनमातण के सलए आिश्यक है।



